<p>सुनहरे रंग की इन खूबसूरत ज्वेलरी को देखकर कोई भी धोखा खा सकता है. किसी को भी लग सकता है कि ये ज्वेलरी सोने से बनी हो, लेकिन सब की सब ये बांस से बनी हैं. असम के गुवाहाटी की मेघाली दास ने अपनी कल्पना से इस खूबसूरत ज्वेलरी को अलग-अलग आकार दिया है. </p><p>बांस असम और पूर्वोत्तर भारत में आसानी से उपलब्ध है. लोकल मार्केट में इसकी कीमत सौ-सवा सौ रुपये है, लेकिन इससे 50 हजार रुपये तक की कमाई हो सकती है. मेघाली दास आसपास की महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होना सिखा रही हैं. इलाके की महिलाएं बांस से पर्दे, फ्लोमैट, कपड़े और भी कई तरह की चीजें बनाती हैं. बांस इन महिलाओं के बीच ग्रीन गोल्ड के नाम से मशहूर है. </p><p>मेघाली महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की ट्रेनिंग देती हैं. ट्रेनिंग ले रहीं महिलाएं जो गहने बनाती है, उनकी मार्केटिंग खुद मेघाली करती है. ना सिर्फ महिलाएं, बल्कि गुवाहाटी सेंट्रल जेल में बंद कैदी भी मेघाली से ट्रेनिंग लेकर बांस से गहने तैयार कर रहे हैं और हुनरमंद बन रहे हैं. </p>
