<p>ओडिशा के भुवनेश्वर की शुभरानी दास पिछले 24 सालों से न्यूजपेपर हॉकर का काम कर रही हैं. उनका संघर्ष रात से ही शुरू हो जाता है, वो स्कूटर पर सवार होकर वो मास्टर कैंटीन पर जाती है, वहां से न्यूजपेपर इकट्ठा करती हैं. कोई दिन हो या कोई मौसम शुभरानी का सफर नहीं रुकता. लोगों के ताने सहकर भी वो अपने काम में लगी रहती हैं. </p><p>शुभरानी सिर्फ भुवनेश्वर में ही नहीं, बल्कि पूरे ओडिशा में अकेली महिला न्यूजपेपर हॉकर हैं, जो पिछले 24 सालों से ये काम कर रही हैं. पहले उनके पति ये काम करते थे, लेकिन हादसे ने सब कुछ बदल दिया. पति से अक्षम होने के बाद शुभरानी ने उनका काम संभाल लिया और परिवार का सहारा बनीं. </p>
