<p> नेपाल में ‘जेन जी’ के विरोध प्रदर्शन और फिर सितंबर में के पी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार के गिरने के बाद हुए पहले आम चुनाव में शुक्रवार को जारी मतगणना के रुझानों के अनुसार पूर्व रैपर बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) भारी जीत की ओर है. रैपर से राजनेता बने बालेंद्र शाह की नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) शुक्रवार को नेपाल में सितंबर में हुए हिंसक जन-पीढ़ीगत प्रदर्शनों के बाद हुए पहले आम चुनावों में भारी जीत की ओर अग्रसर है.</p><p>भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिल्ली में कहा, "हम पारस्परिक लाभ के लिए अपने दोनों देशों और लोगों के बीच मजबूत बहुआयामी संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए नेपाल की नई सरकार के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं."</p><p>नई पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार रैपर से राजनेता बने बलेंद्र शाह हैं, जिन्होंने 2022 में काठमांडू महापौर का चुनाव जीता था और 2025 के उस विद्रोह में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे थे जिसने पूर्व प्रधानमंत्री खड्गा प्रसाद ओली को सत्ता से बेदखल कर दिया था. पारंपरिक राजनीतिक दलों के प्रति जनता के बढ़ते असंतोष का लाभ उठाते हुए, 35 वर्षीय शाह ने गरीब नेपालियों के स्वास्थ्य और शिक्षा को अपने अभियान का मुख्य केंद्र बनाया था. </p><p>दूसरी ओर, नेपाली कांग्रेस और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी)(सीपीएन-यूएमएल) उस सरकार का हिस्सा थीं जो पिछले साल "जेन-जेड" के विरोध-प्रदर्शनों के बाद गिर गई थी. नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं जबकि सीपीएन (यूएमएल) ने ओली को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना चेहरा बनाया है. </p><p>इस आम चुनाव में प्रतिनिधि सभा के 275 सदस्यों को चुनने के लिए 1.89 करोड़ से अधिक नेपाली नागरिक मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पात्र थे. इनमें से 165 सदस्यों को प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली और 110 सदस्यों को आनुपातिक मतदान के जरिए चुना जाना है. </p>
