<p>केरल में एर्नाकुलम जिले की चेल्लानम पंचायत के एक हिस्से की रक्षा कर रही 7.36 किलोमीटर लंबी समुद्री दीवार समुद्र किनारे रहने वालों के लिए वरदान बनकर आई है. इन परिवारों ने हर मानसून में पीड़ा झेली है. उफनता हुआ समुद्र उनके घरों में घुस आता था। जिस समुद्र पर वे अपनी आजीविका के लिए निर्भर हैं, उसी की लाई तबाही की यादें आज भी उनकी रूह कंपा देती है. सात किलोमीटर से भी लंबे हिस्से का उद्घाटन शनिवार को होगा. ये सालों की मेहनत और संघर्ष का नतीजा है.</p><p>चेल्लानम तट लगभग 17 किलोमीटर लंबा है. यहां हजारों परिवारों रहते हैं. सालों से समुद्री कटाव ने सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचाया है. लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ती थी. सरकार की दी गई 10 लाख रुपये की पुनर्वास सहायता को भी लोगों ने ठुकरा दिया, क्योंकि उनके लिए ये राशि कम थी और अपनी जड़ों से जुड़ाव बहुत गहरा था. </p>
