रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में करीब 29.5 प्रतिशत आबादी, यानी लगभग 60 लाख लोग, रिफ्रैक्टिव एरर यानी नजर से जुड़ी समस्याओं से प्रभावित हैं.