सवाईमाधोपुर. हम्मीर ब्रिज… शहर की धड़कन, लेकिन आज भी अधूरा। रोज़ाना घंटों तक लगने वाले जाम में फंसी एम्बुलेंस, परेशान मरीज और बेबस प्रसूताएं। यह नज़ारा अब आम हो गया है। इन दिनों हम्मीर ब्रिज पर जनता की सांसे अटकी है। हर दिन जाम में जिंदगी फंसी रहती है। हालात यह है पुल का कार्य लगभग तैयार हो गया है। इसके बावजूद भी आमजनता परेशान है। <br /><br />1970-71 में बने इस पुल को चौड़ा करने और मरम्मत का काम जनता की मांग पर शुरू तो हुआ, लेकिन तीन साल बाद भी मंज़िल तक नहीं पहुंच पाया। पुल लगभग तैयार है, मगर रेलवे ब्लॉक की अनुमति न मिलने से काम ठप पड़ा है। यह पुल सिर्फ़ लोहे और कंक्रीट की संरचना नहीं, बल्कि सवाईमाधोपुर की जीवनरेखा है। खण्डार रोड से मध्यप्रदेश और रणथम्भौर रोड से पर्यटन का दबाव दोनों का भार यही पुल उठाता है। हर दिन हजारों वाहन इस पर गुजरते हैं और हर दिन जाम की पीड़ा आमजन झेलते हैं।<br />अदालत तक पहुंचा मामला<br />जनहित में सामाजिक कार्यकर्ता हरि प्रसाद योगी ने मामला जिला लोक अदालत में उठाया। अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) और सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के साथ-साथ रेलवे मंडल कोटा को भी पक्षकार बनाया। सुनवाई में एनएचआई ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन रेलवे ब्लॉक की अनुमति न मिलने से काम अटका है।<br />जनता की हो रही परेशानी<br />यह पुल खण्डार रोड (मध्यप्रदेश जाने वाली एनएच) और रणथम्भौर रोड को जोड़ता है। दोनों तरफ से भारी यातायात का दबाव है। रोज़ाना हजारों वाहन गुजरते हैं और हर दिन जाम की पीड़ा आमजन झेलते हैं। एम्बुलेंस में मरीज और प्रसूताएं तक फंस जाती हैं। व्यापारियों से लेकर पर्यटकों तक सभी प्रभावित हैं।<br />बैठकें और उम्मीदें<br />गत दिनों कोटा में एनएचआई और रेलवे अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें जल्द ही ब्लॉक देने का आश्वासन मिला था। अदालत ने भी रेलवे को पक्षकार बनाकर प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। अब उम्मीदें रेलवे की अनुमति पर टिकी हैं। हम्मीर ब्रिज का काम पूरा होने के बाद ही शहर को लंबे समय से जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। जनता की निगाहें रेलवे ब्लॉक पर हैं,क्योंकि यह पुल सिर्फ़ सड़क नहीं, बल्कि राहत की सांस है।<br />पूर्व में देरी का यह रहा कारण<br />-रेलवे की ओर से मुख्य स्पान की ड्राइंग बदलने और भूमि अवाप्ति में छह माह का समय गया।<br />-49 मीटर और 30 मीटर स्पान के गर्डरों की अनुमोदन व निरीक्षण में लंबी देरी हुई।<br />-टोंक साइड रैम्प पर संरचनाएं हटाने और लालसोट साइड भूमि अवाप्ति की कार्रवाई अटकी रही।<br />-बारिश के मौसम में काम बंद रहा।<br />हम्मीर ब्रिज का चौड़ाईकरण व विस्तारिकरण पर एक नजर...<br />-कार्य शुरू होने की तिथि-18 नवम्बर 2022<br />-पूर्ण होने की तय तिथि-17 नवम्बर 2024<br />-संशोधित समय-सीमा-मार्च 2026<br />-प्रोजेक्ट की कुल लागत-32.91 करोड़ रुपए<br />इनका कहना है...<br />हम्मीर ब्रिज का कार्य लगभग पूरा होने को है लेकिन रेलवे की ओर से ब्लॉक की अनुमति नहीं मिलने से कार्य अटका है। गत दिनों रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी और डीआरएम से भी मिलकर आए थे। जल्द ही रेलवे की ओर से ब्लॉक की अनुमति मिलने की उम्मीद है।<br />वेदप्रकाश, अधिशासी अभियंता, एनएचआई<br />
