<p>ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले लगातार 10वें दिन भी जारी रहे. ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को भी एक सप्ताह पूरा हो चुका है, जिसने मध्य पूर्व भीषण तबाही मचाई. 28 फरवरी को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत से शुरू हुआ संघर्ष नौ देशों तक फैल चुका है. </p><p>एयर स्ट्राइक की वजह से ना सिर्फ ईरान का सैन्य ढांचा चरमरा गया है, बल्कि सैकड़ों मासूमों की जान भी जा चुकी है. इस युद्ध में हुए नुकसान की बात करें तो ईरान में कम से कम 1 हजार 332 नागरिकों की मौत हुई है. हवाई हमलों में स्कूलों, अस्पतालों और दूसरे बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया. उधर, ईरान के हमलों में 12 इजरायली मारे गए हैं. वहीं, हमलों में 6 अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हुई है. संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि युद्ध की वजह से पूरे मध्य पूर्व कम से कम 3,30,000 लोग विस्थापित हुए हैं या उन्हें घर छोड़ना पड़ा है. </p><p>अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड का दावा है कि उसने 28 फरवरी से अब तक ईरान में 3,000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है और ईरान के 43 युद्धपोतों को नष्ट कर दिया है. उधर, इजरायली सेना का दावा है कि उसने 2,500 हवाई हमले किए हैं और ईरान के 80 प्रतिशत एयर डिफेंस को तबाह कर दिया है.</p><p>इन दस दिनों में ईरान ने क्षेत्र के नौ देशों पर हमले किए.. जिसमें बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं.</p>
