<p>ईरान के साथ अमेरिका-ईजराइल की जंग ने दुनियाभर में ऊर्जा संकट पैदा किया है. क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद है. अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने है कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल का व्यापार करने वाले देशों को मार्ग की सुरक्षा का ध्यान रखना होगा. उन्होंने कई देशों को अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है. ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज भेजने का आग्रह किया और कहा कि अमेरिका होर्मुज के तटरेखा पर बमबारी जारी रखेगा. ईरानी जहाजों और नौकाओं को निशाना बनाएगा. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पूरी तरह से बंद नहीं है. "यह सिर्फ़ हमारे दुश्मनों और उनके सहयोगियों के लिए बंद है. दूसरी तरफ भारत सरकार के जहाजरानी मंत्रालय के विदेश सचिव ने राजेश कुमार ने जानकारी दी कि एलपीजी लेकर आ रहे भारतीय ध्वज वाले दो जहाज शनिवार सुबह होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर गए. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने सर्वोच्च नेता का पदभार संभालने के बाद गुरुवार को कहा था कि रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य की प्रभावी नाकाबंदी का इस्तेमाल अमेरिका और इजराइल के खिलाफ दबाव बनाने के लिए करेगा. होर्मुज़ स्ट्रेट एक अहम समुद्री व्यापारिक मार्ग है. जिससे विश्व के लगभग 20 फ़ीसदी तेल का परिवहन होता है. जंग के शुरुआत से ही इस क्षेत्र में कई जहाजों पर हमले की खबरें आ चुकीं है. होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल के टैंकरों के लिए पर्याप्त गहरा है. इसका इस्तेमाल मध्य पूर्व के प्रमुख तेल और गैस उत्पादक और उनसे तेल खरीदने वाले देश इस समुद्री जलमार्ग का इस्तेमाल करते हैं. अगर ये बंद हो जाता है तो न सिर्फ ईरान, जिसके तेल का बड़ा हिस्सा चीन को निर्यात होता है. बल्कि खाड़ी के कई देशों का तेल परिवहन बंद हो जाएगा. अमेरिका ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि होर्मुज़ स्ट्रेट में ईरान के बारूदी सुरंग बिछाने वाले 16 जहाज़ों को नष्ट कर दिया है.</p>
