<p>केरल के आलप्पुझा जिले का अंबलपुझा विधानसभा क्षेत्र इस चुनाव में एक अनोखी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का गवाह बन रहा है. ये क्षेत्र 2006 से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा का गढ़ रहा है, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के भीतर असंतोष के कारण राजनीतिक उथल-पुथल में फंस गया है. अनुभवी नेता जी. सुधाकरन यहां से तीन बार विधायक रह चुके हैं. इस बार उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया है. इससे मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है. उनका कहना है कि वे चाहे जिस किसी भी पार्टी से जुड़ें लेकिन उनका लक्ष्य अंबलपुझा के लोगों की सेवा करना है.यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने उम्मीदवार न उतारकर इस मौके का लाभ उठाया है और सुधाकरन को समर्थन दिया है। यूडीएफ को पूरा भरोसा है कि जीत सुधाकरन की ही होगी. सुधाकरन का मुकाबला अब अपने पूर्व सहयोगी और मौजूदा विधायक एच. सलाम से है जो एलडीएफ के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.</p>
