<p>ईरान के गैस क्षेत्र पर किए गए हमले ने युद्ध की तस्वीर बदल दी है. जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कतर के एलएनजी टर्मिनल पर हमला कर दिया. इन दोनों हमलों से पूरी दुनिया के एनर्जी बाजार में उथल-पुथल मच गई है. भारत पर भी इसका गंभीर असर पड़ना तय है. भारत सबसे अधिक कतर से ही एलएनजी आयात करता है. वैश्विक बाजार में आने वाली कुल एलएनजी में से करीब 30 फीसदी कतर के रास लफान से आता है. खुद कतर की अर्थव्यवस्था का यह बड़ा आधार है. कतर की तरह ही ईरान के पास साउथ पार्स नेचुरल गैस क्षेत्र है. यह दुनिया का सबसे बड़ा गैस भंडार है. बुधवार को यहां असलुयेह के पास हमला किया गया. हमला इजराइल की ओर से किया गया था. दरअसल, खाड़ी के नीचे स्थित गैस क्षेत्र (पार्स) दुनिया का सबसे बड़ा गैस क्षेत्र है. यह ईरान और कतर के बीच साझा है. ईरानी हिस्से में इसे साउथ पार्स और कतरी हिस्से में नॉर्थ फील्ड कहा जाता है.</p>
