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पैरा-एथलीट की एक पैर से दुनिया जीतने की जिद, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीत चुके हैं 5 मेडल, लोकेश मंत्र की कहानी

2026-03-20 2 Dailymotion

<p>पैरा-एथलीट लोकेश मंत्र की एक पैर से दुनिया जीतने की जिद. मां दिहाड़ी मजदूर. पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं. लेकिन इन्होंने कभी परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी. ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में आंध्र प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. वो T-42 श्रेणी की हाई जंप में हिस्सा ले रहे हैं.ये  आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम ज़िले के पलाशा ब्लॉक के रेंटिकोटा गांव के रहने वाले हैं. इनका शुरुआती जीवन आसान नहीं रहा है. बेहद गरीबी में पले बढ़े. मां-पिता ने कभी बेटे की प्रतिभा को नहीं दबाया. उन्होंने खुद भूखे रहकर भी अपने बेटे को खेलने के लिए प्रोत्साहित किया और पढ़ाई का खर्च उठाया.तमाम कठिनाई के बावजूद लोकेश आगे बढ़ते गए. शुरुआती दौर में उनके पास संसाधनों की कमी थी. लेकिन कोच रामा राव और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच रमेश की देख रेख में अपनी प्रतिभा को निखारा. वो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 5 मेडल, राष्ट्रीय जूनियर स्तर तीन पदक अपने नाम कर चुके हैं.</p>

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