बिहार में आस्था और श्रद्धा के महापर्व चैती छठ की शुरुआत आज नहाय-खाय के साथ हो गई। चार दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व के पहले दिन महिलाओं ने पवित्र स्नान कर भगवान सूर्य की उपासना का संकल्प लिया। नदियों, तालाबों और घरों में साफ-सफाई के बाद व्रती महिलाओं ने शुद्ध भोजन ग्रहण कर व्रत की शुरुआत की। नहाय-खाय के दिन का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसी दिन से व्रत का नियम प्रारंभ होता है। महिलाएं पूरे घर को शुद्ध करती हैं और सादा व सात्विक भोजन बनाती हैं, जिसमें कद्दू-भात और चने की दाल प्रमुख रूप से शामिल होते हैं।<br />
