<p>केरल के तिरुवनंतपुरम जिले की काट्टाकडा विधानसभा सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला होने वाला है. इस सीट पर एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए तीनों ही पार्टी के उम्मीदवार मैदान में है. सभी पार्टियां मतदाताओं का भरोसा जीतने के लिए विकास, रोजगार और स्थानीय शासन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही हैं. मौजूदा विधायक और सीपीआई (एम) नेता आई. बी. सतीश, 2016 से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. तीसरी बार भी वो चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं. उन्हें पिछले एक दशक में किए गए अपने विकास कार्यों पर पूरा भरोसा है. </p><p>उधर, एनडीए का लक्ष्य काट्टाकडा से एलडीएफ के शासन को उखाड़ फेंकना है. इसके लिए वो 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी के प्रदर्शन को आधार बना रहे हैं. पार्टी ने काट्टाकडा विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोट हासिल किए थे. एनडीए ने इस सीट से बीजेपी उम्मीदवार पी. के. कृष्णदास को मैदान में उतारा है. वो पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य हैं. जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ काफी मजबूत है. कृष्णदास इस सीट से पहले भी कई बार चुनाव लड़ चुके हैं. उन्हें हाल ही में हुए संसदीय और स्थानीय निकाय चुनावों से मिली बढ़त पर पूरा भरोसा है. वो विकास और रोजगार जैसे प्रमुख मुद्दों को लेकर मैदान में उतरे हैं. वहीं, इस सीट से यूडीएफ ने कांग्रेस नेता एम. आर. बैजू को टिकट दिया है. वो जमीन से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं. उन्होंने मौजूदा विधायक पर अपने वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया है.</p><p>बदलते राजनैतिक समीकरणों और सत्ता-विरोधी लहर की वजह से काट्टाकडा में एलडीएफ के दस साल के शासन को अब एनडीए और यूडीएफ से कड़ी चुनौती मिल रही है. अब फैसला मतदाताओं के हाथ में है. वो ही तय करेंगे कि विकास, रोजगार और स्थानीय शासन के मामले में वो किस पार्टी पर भरोसा करते हैं. केरल में विधानसभा की 140 सीटों पर नौ अप्रैल को मतदान होगा और नतीजे चार मई को आएंगे.</p>
