<p> केरल के वायनाड का कंबमला एस्टेट... यहां श्रीलंका से वापस लौटे लगभग 200 तमिल परिवार रहते हैं। उन्हें यहां रहते चार दशक से ज्यादा हो चुके हैं. उनके घर सदियों पुराने हैं. झोपड़ियां टूटी-फूटी है. विकास के नाम पर दूर तक कुछ नहीं है.आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर यहां किसी तरह की चहल-पहल नहीं है. चुनाव प्रचार का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं है. इलाके के लोग बताते हैं कि उनकी रोजमर्रा की ज़िंदगी काफी संघर्ष से भरी है। उनकी चिंताएं इस बात से कहीं ज्यादा अहम हैं कि वो किसे वोट देंगे. यहां खराब स्वास्थ्य सेवाएं ही एकमात्र चिंता नहीं हैं. पढ़ाई-लिखाई के लिए भी लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. कंबमला एस्टेट के लोग पहचान, गरिमा और औपचारिक मान्यता से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं. उनका कहना है कि वो एक ऐसा नेता चाहते हैं जो उनकी चिंताओं को दूर कर सके और समस्याओं का समाधान करे.</p>
