<p>ओडिशा के केंद्रपाड़ा में साइबर ठगों ने आशा कार्यकर्ताओं को हथियार बनाया और गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं से ठगी को अंजाम दिया. उन्होंने सीधे कॉल करने के बजाय स्वास्थ्य विभाग की जमीनी कार्यकर्ता 'आशा दीदी' को निशाना बनाया. ठग खुद को दिल्ली के हेड ऑफिस या जिला कार्यालय का बड़ा अधिकारी बताकर आशा कार्यकर्ताओं को फोन करते हैं. वे उन्हें नौकरी से निकालने या सस्पेंड करने की धमकी देते हैं और उनके क्षेत्र की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के मोबाइल नंबर मांगते हैं. भरोसा जीतने के लिए ठग आशा कार्यकर्ता को ही 'कॉन्फ्रेंस कॉल' पर लेकर पीड़ित महिला से बात करते हैं. चूंकि कॉल पर उनकी जानी-पहचानी आशा दीदी मौजूद होती है, इसलिए महिलाएं बिना किसी शक के ठगों की बातों में आ जाती हैं. ठगी का शिकार हो जाती हैं.</p>
