<p>केरल के उत्तरी तट पर, कोझिकोड जिले में ऐतिहासिक बंदरगाह शहर बेपोर स्थित है. यह इलाका मछुआरा समुदायों, बंदरगाह से जुड़े कामगारों और बढ़ते शहरी मतदाताओं को एक साथ लाता है. अभी राज्य सरकार में लोक निर्माण और पर्यटन मंत्री पी. ए. मोहम्मद रियास इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. यह क्षेत्र वामपंथियों का गढ़ रहा है, जहां सीपीआई(एम) 1982 से लगातार जीत हासिल करती आ रही है. संयोग से, मोहम्मद रियास मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के दामाद भी हैं. वे राज्य में एलडीएफ के फिर से सत्ता में आने के भरोसे के साथ बेपोर सीट से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं. </p><p>रियास के मुकाबले में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की ओर से पी.वी. अनवर चुनावी मैदान में हैं. अनवर नीलांबुर से पूर्व निर्दलीय विधायक हैं, जिनका झुकाव एलडीएफ की ओर था। बाद में वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए. </p><p>इस त्रिकोणीय मुकाबले में, एनडीए ने के.पी. प्रकाश बाबू को फिर से उम्मीदवार बनाया है. एनडीए का लक्ष्य 2021 के अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाना है, जब वो 26,000 से ज्यादा वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे. बाबू स्थानीय मुद्दों को अपने चुनाव प्रचार में पुरजोर तरीके से उठा रहे हैं. इनमें पीने के पानी की सप्लाई और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच से लेकर तटीय कटाव और इलाके की अहम आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले बेपोर बंदरगाह की बदहाली शामिल हैं. </p>
