<p>दिल्ली में नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक सोमवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई, जिसके चलते अहम ड्रॉ प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. इस घटनाक्रम के बाद निगम में संवैधानिक संकट की स्थिति बनने के संकेत मिल रहे हैं. दरअसल, मार्च महीने में स्थायी समिति के 18 में से 9 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होना है, जिनमें 6 जोन और 3 हाउस से चुने गए सदस्य शामिल हैं. नियमों के तहत ड्रॉ के जरिए इन सदस्यों का चयन होना था, लेकिन बैठक शुरू होते ही विपक्षी आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने विरोध शुरू कर दिया. आप पार्षदों का आरोप था कि पिछली बैठक के मिनट्स प्रस्तुत नहीं किए गए, जबकि एमसीडी एक्ट के तहत बिना इसकी पुष्टि के नई बैठक नहीं हो सकती. इसके साथ ही ड्रॉ प्रक्रिया में पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए. वहीं, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया.</p>
