<p>भारत के सीजेआई सूर्यकांत ने पश्चिम बंगाल के मालदा की घटना की कड़ी आलोचना की, जहां सात न्यायिक अधिकारियों को घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया था. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के अधिकार को चुनौती देता है और पहली नजर में यह राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में शामिल न्यायिक अधिकारियों का हौसला तोड़ने के लिए एक सोची-समझी चाल लगती है. सीजेआई ने कहा कि वह सुबह 2 बजे तक हर चीज पर नजर रख रहे थे और कल की घटना न सिर्फ न्यायिक अधिकारियों को डराने-धमकाने की एक खुली कोशिश थी, बल्कि इस कोर्ट के अधिकार को भी चुनौती देने की कोशिश थी. मालदा के कालियाचक में बुधवार को गांववालों ने तीन महिलाओं समेत सात न्यायिक अधिकारियों का घेराव कर उन्हें बंधक बना लिया. यह घटना मतदाता सूची की चल रही एसआईआर के तहत बड़े पैमाने पर नाम हटाने के विरोध में हुई. सीजेआई की अगुवाई वाली बेंच, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपिन पंचोली शामिल थे, ने इस घटना को गंभीरता से लिया.</p>
