<p>पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग अब भारत के किसानों पर काल बनकर बन गई है. ओडिशा में अंडों का अंबार लग चुका है. कीमतें धराशायी हो चुकी हैं और किसान बर्बादी की दहलीज पर खड़े हैं. इसने ओडिशा के पोल्ट्री उद्योग की रीढ़ तोड़ दी है!</p><p>व्यापारी बाहरी अंडों की आमद रोकने के लिए बाजार को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं. राज्य में अंडों की कीमत बरहामपुर से तय होती है और बाहरी राज्यों के परिवहन खर्च को ध्यान में रखकर कीमतें कम रखी जाती हैं, ताकि स्थानीय उत्पादकों को सुरक्षा मिल सके. अंडे 15 दिन में खराब हो जाते हैं. इसलिए व्यापारी मजबूरी में औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं.</p>
