नई दिल्ली: देश के बेरोजगारों, युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनकी स्वरोजगार की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने वाली प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 साल पूरे हो गए हैं। 2014 में देश की बागडोर संभालने के बाद 8 अप्रैल 2015 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने को आर्थिक समावेशन और स्वालंबन के लक्ष्य के साथ इस योजना की शुरुआत की थी। बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को जॉब सीकर्स की जगह पर जॉब क्रिएटर्स बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना बहुत कारगर साबित हुई है। बीते 11 वर्षो में इस योजना ने देश में करोड़ों की संख्या में युवा उद्यमी तैयार किए हैं। 11 वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत कुल 52.37 करोड़ खाते खोले गए हैं और 33.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक का गारंटर फ्री लोन प्रदान किया गया है। खास तौर पर महिलाओं और वंचित वर्गों के आर्थिक सशक्तिकरण में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना मील का पत्थर साबित हुई है। इस योजना की लगभग 70 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं, जबकि कुल लाभार्थियों में 50 प्रतिशत संख्या SC, ST और OBC समुदाय के लोगों की है।<br />
