<p>अमरावती आंध्रप्रदेश की आधिकारिक राजधानी बन गई है. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नया कानून आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन अधिनियम-2026 लागू हो गया है. केंद्रीय कानून मंत्रालय ने इस संबंध में कानूनी मान्यता देने वाला गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती को राजधानी बनाने वाले विधेयक को मंजूरी देने के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया. इसके साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी को भी धन्यवाद दिया. उन्होंने इसके आंध्र प्रदेश की मेरी जनता, विशेषकर अमरावती के किसानों की जीत बताया है.</p><p>28 मार्च को राज्य विधानसभा ने अमरावती को राजधानी घोषित करने की मांग का प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेजा था. केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 की धारा 5(2) में बदलाव करते हुए इसे संशोधन बिल में शामिल किया. इस महीने की 1 तारीख को लोकसभा में इस पर चर्चा हुई. YSRCP को छोड़कर बाकी सभी दलों ने इस बिल का समर्थन किया. 2 तारीख को राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा हुई. यहां भी YSRCP को छोड़कर चर्चा में शामिल अन्य सभी दलों ने अमरावती के पक्ष में वोट दिया और ऊपरी सदन ने इसे ध्वनि मत से मंजूरी दे दी. संसद से पास होने के बाद, केंद्रीय कानून मंत्रालय ने सोमवार को इस बिल को राष्ट्रपति की सहमति के लिए भेजा.</p><p>इस कानून में यह साफ कर दिया गया है कि APCRDA एक्ट के तहत आने वाले सभी इलाके अमरावती का हिस्सा होंगे. कानून में इस नए बदलाव ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में इस मुद्दे पर कोई विवाद नहीं होगा. इसमें कहा गया है कि 'आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (APCRDA) अधिनियम-2014' के तहत अधिसूचित सभी क्षेत्र अमरावती के अंतर्गत आएंगे. इस अधिनियम में भविष्य में कोई भी बदलाव केवल संसद द्वारा ही किया जा सकता है. </p>
