<p>कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार के महिला आरक्षण प्रस्ताव को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि यह प्रस्ताव वास्तव में महिला आरक्षण नहीं, बल्कि परिसीमन का छिपा हुआ एजेंडा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे को जल्दबाजी में ला रही है और विपक्ष की राय को नजरअंदाज कर रही है।पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनावी माहौल के बीच इस कदम के पीछे राजनीतिक लाभ की मंशा भी हो सकती है। इसके साथ ही सोनिया गांधी ने जाति जनगणना को टालने पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व से जुड़ा अहम मुद्दा है। उन्होंने 2021 की जनगणना टलने और 2027 तक आंकड़े आने में देरी को लेकर भी चिंता जताई।</p>
