नोएडा और उसके आसपास के इलाके जैसे फरीदाबाद और गाजियाबाद में कर्मचारियों को इसलिए सड़कों पर उतरना पड़ा क्योंकि पड़ोसी राज्य हरियाणा में सरकार ने अपने राज्य के कामगारों की न्य़ूनतम मजदूरी 35 फीसदी बढ़ा दी है। इसी के बाद से नोएडा में भी निजी कंपनी के कर्मचारियों ने हरियाणा की तर्ज पर बराबर मजदूरी बढ़ाने की मांग कर दी। इधर इस मामले पर अब राजनीति भी गर्मा गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला और कहा कि बीजेपी सरकार की वेतन बढ़ाने की नीयत ही नहीं है।<br />
