<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन को लेकर विपक्षी पार्टियों पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि किसी भी दक्षिण भारत के राज्य की सीटें कम नहीं होंगी. </p><p>गृह मंत्री ने आंकड़ों के जरिए स्थिति को साफ किया. गृह मंत्री के मुताबिक, कर्नाटक के पास 28 सीटें हैं, जो सदन की 543 सीटों का 5.15 प्रतिशत है. विधेयक पारित होने के बाद, कर्नाटक के सांसदों की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी और लोकसभा में उसका प्रतिशत 5.44 हो जाएगा. इसी तरह, आंध्र प्रदेश के पास 25 सीटें हैं, जो 4.60 प्रतिशत है. विधेयक पारित होने के बाद, सांसदों की संख्या 25 से बढ़कर 38 हो जाएगी, जो 4.65 प्रतिशत होगी. तेलंगाना के पास 17 सीटें हैं, जो 3.13 प्रतिशत है. विधेयक पारित होने के बाद, सांसदों की संख्या 17 से बढ़कर 26 हो जाएगी, जो 3.18 प्रतिशत होगी.</p><p>इसी तरह, तमिलनाडु में 49 सीटें हैं, जो 7.18 प्रतिशत हैं. विधेयक पारित होने के बाद सांसदों की संख्या 59 हो जाएगी और 816 सदस्यों वाले नए सदन में उनका प्रतिशत 7.23 प्रतिशत होगा. तमिलनाडु को भी कोई नुकसान नहीं होगा. केरल में 20 सीटें हैं, जो 3.68 प्रतिशत हैं. विधेयक पारित होने के बाद सांसदों की संख्या 30 हो जाएगी और नए सदन में उनका प्रतिशत 3.67 प्रतिशत होगा.</p><p>अगर दक्षिण के पांचों राज्यों को मिला दें तो यहां अभी 129 सांसद हैं, जो लगभग 23.76% है, जबकि नए सदन में 195 सांसद होंगे और उनकी शक्ति 23.97% होगी. </p>
