<p>वाराणसी : नारी वंदन अधिनियम को लेकर संसद में चर्चा गरम है. विपक्ष अधिनियम को लेकर तमाम सवाल उठा रहा है. महिला आरक्षण के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गहरे मतभेद हैं. इसके बावजूद आम महिलाओं में अधिनियम को लेकर उत्साह है. काशी की महिलाओं और युवतियों ने ईटीवी भारत से अपने जज्बात साझा किए. काशी की महिलाओं कहना है कि यह आरक्षण हम महिलाओं को समाज में नया मुकाम और अवसर देने का माध्यम बनेगा. रसोई से निकल कर राजनीति की डगर पर कदम बढ़ाने का मौका मिलेगा. अभी संसद में आधी आबादी की हिस्सेदारी काफी कम है. </p><p>संसद में 33 फीसदी आरक्षण से महिलाओं को अपनी बात पहुंचने का बड़ा प्लेटफार्म मिल सकेगा. यदि संसद में बड़ी संख्या में महिलाएं रहेंगी तभी वे महिला-बेटियों की समस्याओं को पुख्ता तरीके से संसद तक पहुंचा पाएंगी और समाधान भी निकलेगा. अभी तक महिला सांसदों की कम संख्या का होना इस बात को दर्शाता है कि कहीं न कहीं हमें राजनीतिक पटल से दूर रखने की कोशिश की गई. बहरहाल अब समय आ गया है जब महिलाएं भी सरकार बनाने में कंधे से कंधा मिलाकर चल सकेंगी. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास सराहनीय हैं. देखें वीडियो...</p>
