<p>महीना खत्म नहीं होता और लोग सैलरी का इंतजार करने लगते हैं. नेपाल में ऐसे लोगों के लिए वहां की सरकार ने महीने में दो बार सैलरी देने का फैसला किया है. यानी वहां से सरकार कर्मचारियों को अब से हर दो हप्ते में सैलरी दी जाएगी. </p><p>नेपाल के वित्त मंत्रालय इस संबंध में फैसला ले लिया है और इसे अमली जामा पहनाने के लिए फाइनेंशियल कंट्रोलर जनरल ऑफिस को एक लेटर भेजा है. वित्त मंत्रालय ने पहले ही संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिया है. </p><p>अब आइये समझते हैं कि नेपाल सरकार ने महीने में दो बार सैलरी देने का फैसला क्यों किया? काफी समय से नेपाल की अर्थव्यवस्था काफी धीमी चल रही है. नेपाल की इकोनॉमी खस्ताहाल में है. लिहाजा सरकार महीने की सैलरी को दो हिस्सों में बांटकर पंद्रह दिनों में ही कर्मचारियों को सैलरी देगी. इससे लोगों के पास जल्दी-जल्दी पैसा पहुंचेगा. लोग इस पैसे को खर्च करेंगे. बाजार में सामान की डिमांड बढ़ेगी. रुपयों की लिक्विडिटी बढ़ेगी. इससे इकोनॉमी की हालत सुधरेगी.</p><p>ऐसा नहीं है कि नेपाल महीने में दो बार सैलरी देने वाला दुनिया का पहला देश है. अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, मैक्सिको में भी महीने में दो बार सैलरी दी जाती है. </p>
