<p>पहलगाम हमले में मारे गए ओडिशा के बलासोर के प्रशांत शर्मा का परिवार अभी भी उस सदमे से बाहर नहीं आ पाया है. आतंकवादियों ने प्रशांत को उनकी पत्नी और 10 साल के बेटे के सामने गोली मारकर हत्या कर दी थी. प्रशांत की पत्नी का पूरा दिन उनकी याद के सहारे ही कटता है.पहलगाम हमले की बरसी पर परिवार ने श्रद्धांजलि सभा रखी और प्रशांत की आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की. वो कहती हैं कि सरकार ने मुझे सरकारी नौकरी देने, मेरे बेटे की पढ़ाई का ध्यान रखने और आर्थिक सहायता देने का वादा किया था. मुझे सिर्फ़ आर्थिक सहायता मिली है. लेकिन जिस सरकारी नौकरी का उन्होंने वादा किया था, उसके लिए मैंने प्रशासन को ज़रूरी कागज़ात दे दिए हैं. सबने कहा कि यह प्रक्रिया में है. फिलहाल प्रियदर्शनी एक अस्थायी परियोजना में 'ब्लॉक प्रोजेक्ट ऑफिसर' के रूप में काम कर रही हैं. इस प्रोजेक्ट का काम कुछ दिन का ही बचा है और फिर उनकी जॉब चली जाएगी. इनके लिए अब बेटा ही इनकी जिंदगी है. साथ ही इनके कंधों पर बेटे की जिम्मेदारी है. .मां के साथ प्रियिदर्शनी बेटे को पिता का भी प्यार देने की कोशिश करती हैं. इन्हें कभी रोना आता है कभी गुस्सा आता है और वो कहती हैं प्रशांत मुझे छोड़कर क्यों चले गए. </p>
