महाराष्ट्र में भाषा विवाद की लड़ाई अब ऑटो और टैक्सी चालकों तक आ गई है। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि रिक्शा, टैक्सी और ऐप‑आधारित सेवाओं जैसे कि ओला, उबर, ई‑बाइक टैक्सी से जुड़े अमराठी चालकों को मराठी में बुनियादी बातचीत आनी चाहिए। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने राज्य सरकार के इस का पूर्ण समर्थन किया है। MNS नेता अमित ठाकरे के एक बयान से राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।<br />
