<p>चलियार पंचायत के प्लाक्कलचोला में रहने वाले 24 आदिवासी परिवारों को हर साल अपने घर छोड़ने और कांजीरापुझा नदी के किनारे जाकर बसने के लिए मजबूर होना पड़ता है, क्योंकि उनके इलाके में पानी के सभी स्रोत पूरी तरह से सूख जाते हैं. केरल के मलप्पुरम जिले में इन आदिवासी परिवारों की जिंदगी बस गुजारे लायक चीजों तक ही सिमटकर रह गई है। वे पथरीली जमीन पर तिरपाल के नीचे रहते हैं, और उन्हें साफ-सफाई, बिजली या बुनियादी सुविधाओं में से कुछ भी नसीब नहीं होता. यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि यह समस्या सालों से बनी हुई है. घर तो बन गए, लेकिन पीने के पानी की सही व्यवस्था कभी नहीं हो पाई. अदिवासी परिवार अब अधिकारियों से तत्काल दखल की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि इलाके में जल आपूर्ति के स्थायी इंतजाम किए जाएं जिससे उनके बार-बार पलायन करने का सिलसिला थम सके.</p>
