पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्मा जी की पूजा न होने के मुख्य कारण माता सावित्री का श्राप और भगवान शिव द्वारा झूठ बोलने के लिए दिया गया श्राप है। एक कथा के अनुसार, यज्ञ के समय सावित्री के स्थान पर दूसरी स्त्री (गायत्री) से विवाह करने पर सावित्री ने उन्हें पृथ्वी पर न पूजे जाने का श्राप दिया था।
