अर्द्धकुवारी गुफा (जिसे गर्भजून भी कहा जाता है) माता वैष्णो देवी की यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता वैष्णो देवी ने भैरवनाथ से छिपकर इस गुफा में 9 महीने तक तपस्या की थी। यह गुफा मां के गर्भ के समान है और मान्यता है कि जो भक्त इसमें से गुजरते हैं, वे पुनर्जन्म के चक्र से मुक्त हो जाते हैं।
