<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचत और मितव्ययिता की अपील के कुछ दिनों बाद अपने आधिकारिक काफिले का आकार कम कर दिया है. सुरक्षा प्रोटोकॉल बरकरार रखते हुए काफिले में वाहनों की संख्या घटाई गई और इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं. गृह मंत्री अमित शाहने भी अपने काफिले में कटौती की है. सरकार का कहना है कि ऊर्जा संरक्षण की शुरुआत शीर्ष नेतृत्व से होनी चाहिए. पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ती तेल कीमतों के बीच यह कदम प्रतीकात्मक और रणनीतिक दोनों माना जा रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक इससे जनता और सरकारी संस्थानों को ऊर्जा बचत और स्वच्छ परिवहन अपनाने का मजबूत संदेश जाएगा.</p>
