सवाईमाधोपुर.जिला कलक्टर काना राम ने बुधवार को जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय का निरीक्षण करते हुए सबसे पहले कार्यालय की स्थिति पर सख्त नाराज़गी जताई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि कई कक्षों में सीलन फैली हुई है, दीवारों पर रंग‑रोगन उखड़ चुका है और अभिलेखों का रखरखाव पूरी तरह अव्यवस्थित है। फाइलें बेतरतीब ढंग से रखी हुई थीं, जिससे न केवल कामकाज प्रभावित हो रहा था बल्कि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे थे।<br /><br />निरीक्षण के दौरान उन्होंने पेयजल आपूर्ति, शिकायत निस्तारण, कार्यालय व्यवस्था और ई‑गवर्नेंस को कसौटी पर कसते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। कलक्टर ने कहा कि आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए विभाग को अपनी कार्यशैली में त्वरित सुधार करना होगा। उन्होंने मौके पर ही नियंत्रण कक्ष का अवलोकन कर शिकायतों की स्थिति जानी और परिवादियों से दूरभाष पर वार्ता कर समाधान की पुष्टि भी की।<br />कक्षों में सीलन पर जताई नाराजगी<br />कलक्टर ने निर्देश दिए कि पेयजल संबंधी किसी भी शिकायत को 48 घंटे से अधिक लंबित न रखें। अधीक्षण अभियंता को स्वयं नियमित मॉनिटरिंग करने और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के आदेश दिए। निरीक्षण में विभिन्न कक्षों में सीलन और अभिलेखों के अव्यवस्थित रखरखाव पर नाराज़गी जताई गई। कलक्टर ने मरम्मत, रंग‑रोगन और रिकॉर्ड के सुव्यवस्थित संधारण के निर्देश दिए। साथ ही परिसर से झाड़ियां हटाकर पौधारोपण कराने और विशेष योग्यजन के लिए रैम्प निर्माण करने को कहा। कलक्टर ने सिविल लाइन स्थित जलदाय विभाग के क्षतिग्रस्त राजकीय आवास की पीडब्ल्यूडी से जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।<br /><br />ई‑गवर्नेंस पर दिया जोर<br />कलक्टर ने ई‑फाइल और ई‑डाक प्रणाली का शत‑प्रतिशत उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कार्मिकों को राजकाज पोर्टल का प्रशिक्षण दिलाने के लिए डीओआईटी से समन्वय रखें। प्रत्येक शाखा में इनवर्ड और आउटवर्ड फाइलों का पृथक रजिस्टर संधारित करने पर भी बल दिया। फ्लैगशिप योजनाओं से संबंधित पर्याप्त आईईसी डिस्प्ले लगाने और साप्ताहिक आधार पर कार्मिकों के कार्यों की समीक्षा करने को कहा।
