Ahmedabad: गर्भावस्था किसी भी महिला के जीवन का सबसे सुखद और संवेदनशील दौर माना जाता है, लेकिन इसी दौरान होने वाली कुछ परेशानियां मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। ऐसी ही एक गंभीर स्थिति है प्री-एक्लेम्पसिया, जिसे चिकित्सा विशेषज्ञ सायलेंट किलर भी कहते हैं। विश्व प्री-एक्लेम्पसिया जागरूकता दिवस पर विशेषज्ञों ने गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच कराने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
