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असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित, देश का तीसरा राज्य बना

2026-05-27 4 Dailymotion

<p> असम विधानसभा ने बुधवार को समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक 2026 पारित कर दिया. 126 सदस्यों वाली असम विधानसभा में 102 एनडीए विधायकों ने उसके पक्ष में मतदान किया. इसका उद्देश्य धर्म से परे विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और सह-जीवनसाथी संबंध को नियंत्रित करने के लिए एक समान कानूनी ढांचा स्थापित करना है. हालांकि, विपक्ष ने इसे प्रवर समिति को भेजने की मांग की. प्रस्तावित विधेयक के पारित होने के साथ ही असम, उत्तराखंड और गुजरात के बाद समान नागरिक संहिता विधेयक पारित करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है. विधानसभा में पहले बोलते हुए, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि, "कांग्रेस ने 1925 में सबसे पहले यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड की वकालत की थी." सरमा ने बुधवार को आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी अब सेक्युलर नहीं रही और एक खास समुदाय की प्रतिनिधि बन गई है.सरमा ने कहा, "यूसीसी का इतिहास बहुत पुराना है. इसकी मांग सबसे पहले 1925 में कांग्रेस ने की थी. 1937 में जवाहरलाल नेहरू ने भी इसका सुझाव दिया था. वही कांग्रेस इसका विरोध कुरान और शरीयत के एंगल से कर रही है, न कि हिंदू या ईसाई या आदिवासी एंगल से."</p>

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