<p>थाइलैंड में फंसे मजदूरों ने ओडिशा सरकार से वतन वापसी की गुहार लगाई है. ये गए तो थे बेहतर जिंदगी के लिए, लेकिन इन्हें नहीं पता था यहां से निकलना इनके लिए मुश्किल हो जाएगा. केंद्रपाड़ा जिले के रहने वाले पांच लोगों को मजदूरी नहीं मिल रही है. साथ ही इन्होंने कंपनी के मालिक पर परेशान करने के आरोप लगाए. इन्ही में से एक राजकनिका ब्लॉक के गुवाली गाँव के नित्यानंद मलिक की पत्नी गंभीर बीमार हैं.अब पति पर आए संकट ने इन्हें तोड़कर रख दिया है. पोइझारिया गांव के मनोज मलिक के बूढ़े माता-पिता के लिए भी अपने बेटे का इंतजार लंबा होता जा रहा है. पोते का इंतजार करते-करते दादी ने दुनिया को अलविदा कह दिया. गोबांग गांव के क्षिरोद दास घर में कमाने वाले इकलौते बेटे हैं. जब इनके थाइलैंड में फंसे होने की खबर परिवार तक पहुंची. तो उनकी पत्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. लगभग दो साल पहले इन सभी लोगों को उत्तर प्रदेश का एक ठेकेदार इन्हें टूरिस्ट वीज पर थाइलैंड लेकर गया. .प्लाईवुड कंपनी में काम दिलाया. लगभग एक साल तक तो सबकुछ ठीक चलता रहा. लेकिन बाद में इन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा. चार महीनों से सैलरी भी नहीं मिली है.</p>
