सवाईमाधोपुर.खेती अब पुराने तरीकों से आगे निकल रही है। राज्य सरकार ने किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए कृषि यंत्रों पर 40 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान देने का बड़ा ऐलान किया है। यह योजना किसानों के लिए सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि खेती में क्रांति का दरवाज़ा खोल रही है। बढ़ती मजदूरी, श्रमिकों की कमी और लागत का दबाव अब किसानों को परेशान नहीं करेगा। आधुनिक यंत्रों की मदद से बुवाई से लेकर कटाई और फसल अवशेष प्रबंधन तक हर काम तेज़ी और दक्षता से होगा। सरकार का यह कदम खेती को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को नई ताक़त देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।<br /><br />लागत घटेगी, पैदावार बढ़ेगी<br /><br />कृषि विभाग का कहना है कि आधुनिक यंत्रों से खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। समय पर काम पूरा होने से पैदावार बढ़ेगी और किसानों को अधिक लाभ मिलेगा। यह बदलाव किसानों को परंपरागत खेती से आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की ओर ले जाएगा।<br />किन यंत्रों पर मिलेगा अनुदान<br />योजना में रोटावेटर, जीरो टिल सीड ड्रिल, हैप्पी सीडर, मल्टीक्रॉप थ्रेसर, पावर टिलर, लेजर लैंड लेवलर, स्प्रेयर सहित कई आधुनिक यंत्र शामिल हैं। इन पर विभागीय प्रावधानों के अनुसार 40 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा। यह किसानों को नई तकनीक अपनाने का सुनहरा अवसर है।<br /><br />आवेदन की प्रक्रिया और अंतिम तिथि<br /><br />सहायक कृषि अधिकारी पिन्टू मीणा ने बताया कि किसान स्वयं राज किसान साथी पोर्टल या नज़दीकी ई‑मित्र केन्द्र से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए जन आधार, आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज और बैंक विवरण जैसे कागजात जरूरी हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई तय की है।<br />इनका कहना है...<br />किसान समय पर आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं। कृषि यंत्रीकरण ही भविष्य की वैज्ञानिक खेती की आधारशिला है और सरकार इसे बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई है।<br /><br />लखपत लाल मीणा, संयुक्त निदेशक, कृषि विस्तार सवाईमाधोपुर<br />
