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अमरावती की ऐतिहासिक बावड़ी का कायाकल्प, बिना ईंट और बिना सीमेंट से बना भव्य ढांचा

2026-06-07 26 Dailymotion

<p>शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक, महारानी अहिल्याबाई होलकर की जयंती और विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर स्वराज्य सेवा प्रतिष्ठान के स्वयंसेवकों ने अमरावती की ऐतिहासिक बावड़ी का पुनरुद्धार करना किया. जब इस ऐतिहासिक बावड़ी की साफ-सफाई का काम पूरा हुआ तो इसकी खूबसूरती उभरकर सामने आई. तालेगांव दशासर स्थित हनुमान मंदिर के परिसर में स्थित यह बावड़ी वास्तुकला का अद्भुत नमूना माना जाता है. इसके निर्माण में ना तो ईंट और सीमेंट का इस्तेमाल हुआ और ना ही चूने का.. बड़े बड़े पत्थरों को एक विशेष तकनीक के हिसाब से एक दूसरे के ऊपर रखकर इसका निर्माण किया गया. देखने में ये संचरना मिस्र की पिरामिड जैसी दिखती है. सदियों तक कई पीढ़ियों का प्यास बुझाती रही, लेकिन बाद के दिनों लोगों ने इसे छोड़ दिया, जिससे बावड़ी में जगह-जगह बड़े पेड़ उग गए और इसी खूबसूरती बिगड़ गई. फिर स्वराज्य सेवा प्रतिष्ठान ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर इसका पुनरुद्धार किया. </p>

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