Surprise Me!

स्कूल ऑन व्हील्स : फुटपाथ व झुग्गियों के बच्चे लेते थे ड्रग्स, अब उन्हीं नन्हें हाथों ने थामे किताब,पेन

2026-06-08 10 Dailymotion

<p>ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर इन दिनों चलती-फिरती पाठशाला लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है. जहां हर कोई पढ़ने के लिए स्कूल जाता है, वहीं यहां बच्चों तक पहुंचने के लिए एक पाठशाला चल रही है. स्कूल ऑन व्हील्स स्थानीय एनजीओ द्वारा सड़क पर रहने वाले बच्चों के लिए चलाई जाने वाली एक पहल है. यह मोबाइल स्कूल खास तौर पर रेलवे स्टेशन के पास की झुग्गियों, ईंट भट्टों की झुग्गियों और शहर के कई हिस्सों की छोटी-बड़ी झुग्गियों तक पहुंचता है. यह स्कूल बच्चों और उनके परिवारों में पढ़ाई के प्रति रुचि जगाने की कोशिश करता है. यहां पढ़ने वाले एक छात्र चिन्मय स्वैन कहते हैं, “पहले गांव से आने के बाद मुझे स्कूल में एडमिशन लेने में दिक्कत होती थी. मैं स्कूल नहीं जा सका क्योंकि मेरे पास आधार कार्ड नहीं था. कुछ दीदी हमारी झुग्गी में आकर पढ़ाती थीं. मैं अभी भी वहीं पढ़ रहा हूं. और इस साल मैंने स्कूल में भी एडमिशन ले लिया है. मेरा लक्ष्य है कि मैं बड़ा होकर पुलिस ऑफिसर बनूं.” भुवनेश्वर का यह मोबाइल स्कूल सड़क किनारे, फुटपाथ पर या खुली हवा में एक अलग तरह का स्कूल है. यहां कोई बड़ी बिल्डिंग या मॉडर्न क्लासरूम नहीं है. समय होते ही मोबाइल स्कूल बच्चों के पास पहुंच जाता है. टीचर के बुलाने पर सभी बच्चे इकट्ठा हो जाते हैं. कुछ ही पलों में टीचर नाच-गाने के साथ पढ़ाना शुरू कर देते हैं.</p>

Buy Now on CodeCanyon