<p>क्या ताड़ के पत्ते पर उकेरी गई इस कलाकृति की कीमत बीस लाख रुपये हो सकती है? वैसे तो ये कलाकृतियां अनमोल हैं.. लेकिन रिलायंस ग्रुप ने हाल ही में इनमें से एक कृति को 20 लाख में खरीदी है और एक दूसरी नक्काशी को भी खरीदने में रुचि दिखाई है. </p><p>ताड़ पत्र कलाकार शरत कुमार प्रधान ताड़ के सूखे पत्तों में जान डाल देते हैं. वो इन पत्तों पर पहले पेंसिल से स्केच बनाते हैं. फिर स्टाइल से उसमें नक्काशी करते हैं. इस तरह ताड़ के पत्तों पर रामायण, महाभारत, कृष्णलीला, दशावतार और भारतीय संस्कृति से जुड़ी दूसरी कहानियां जीवंत और अमर हो जाती हैं. उनकी इस कला के लिए उन्हें कई बार अलग-अलग स्टेट और नेशनल लेवल के सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है. </p><p>गोकुल बिहारी पटनायक और पद्मश्री बिनोद मेहराना से ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके.. शरत कुमार प्रदान ने ताड़ पत्र कला को अपने जीवन का मकसद बना लिया है. वो ताड़ पत्रों को इकट्ठा कर उसे नीम और हल्दी के पानी में उबालते हैं.. फिर उस पर भगवान जगन्नाथ और भारतीय संस्कृति को उकेरते हैं. </p>
