खावड़ा (कच्छ), गुजरात: गुजरात में कच्छ के सफेद रेगिस्तान में स्थित खावड़ा आज बंजर जमीन के लिए नहीं, बल्कि दुनिया में रिन्यूएबल एनर्जी के एक बड़े हब के रूप में पहचान बना रहा है। आज खावड़ा केवल नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और भंडारण का एक बड़ा सेंटर ही नहीं बन रहा है, बल्कि यहां हजारों की संख्या में पेशेवरों और युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है। दरअसल, यह बदलाव आया है कि अदाणी समूह की अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की पहल की वजह से। खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी कॉम्प्लेक्स में अदाणी समूह की अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड यानी AGEL कंपनी दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट बना रही है। कंपनी का लक्ष्य यहां 2029 तक 30 GW क्षमता विकसित करना है, जिसमें से 9.9 गीगावाट पहले से ही चालू है। AGEL ने हाल ही में खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी कॉम्प्लेक्स में 3.37 गीगावाट-ऑवर (GWh) का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) शुरू किया है, जो कि चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन बैटरी स्टोरेज इंस्टॉलेशन है। इस क्लीन एनर्जी फैसिलिटी को ग्रिड की स्थिरता बढ़ाने और पावर नेटवर्क में रिन्यूएबल एनर्जी को आसानी से जोड़ने के लिए डिजाइन किया गया है।<br /><br />#Gijarat #Kutch #Bhuj #KhavdaRenewableEnergyPark #AdaniGreenEnergy #AGEL #RenewableEnergy #CleanEnergy #GreenEnergy #EnergyTransition #BatteryStorage #BESS #SolarEnergy #WindEnergy #SustainableFuture #RenewablePower #EnergyStorage #Khavda #IndiaEnergy #CleanPower #NetZero #GreenInfrastructure #PoweringIndia #RenewableIndia #GujaratDevelopment #RenewableEnergyInvestment #EnergySecurity<br /><br />
