<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दवा किया कि आज रविवार को ईरान के साथ शांति समझौते पर दस्तखत किए जाएंगे और उसके तुरंत बाद होर्मुज स्ट्रेट सभी के लिए खोल दिया जाएगा, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ये प्रक्रिया सफल नहीं हुई तो अमेरिका के पास आखिरी विकल्प भी मौजूद है, जिसे वह दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहता. अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रस्तावित समझौते की तुलना पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में 2015 में हुए संयुक्त व्यापक कार्य योजना से भी की.उन्होंने कहा बराक हुसैन ओबामा का ईरान के साथ समझौता, जेसीपीओए, परमाणु हथियार तक पहुंचने का एक आसान और सुगम रास्ता था. इससे ईरान के पास छह साल पहले ही परमाणु हथियार होते, जिनका वह अब तक इस्तेमाल भी कर चुका होता. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम प्रभावी रूप से निष्क्रिय कर दिया गया है और शेष परमाणु सामग्री को बाद में ईरान या अमेरिका में कहीं भी नष्ट कर दिया जाएगा. वहीं इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया कि अमेरिका-ईरान शांति समझौते को अगले 24 घंटों में अंतिम रूप दिया जा सकता है. ईरान ने अमेरिका के दावे को खारिज कर दिया. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि हस्ताक्षर रविवार नहीं होंगे. लेकिन आने वाले दिनों में MoU को अंतिम रूप देने की संभावना है.</p>
