<p>भारत की सबसे प्राचीन पर्वतमालाओं में से एक अरावली को पुनर्जीवित करने के लिए ‘अरावली ग्रीन वॉल’ प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अरावली क्षेत्र में लगभग 1400 किलोमीटर लंबी और 5 किलोमीटर चौड़ी हरित पट्टी विकसित की जाएगी. इसका उद्देश्य देशी प्रजातियों के पौधों को बढ़ावा देना, मिट्टी के क्षरण को रोकना, कार्बन सिंक बढ़ाना और पश्चिमी भारत में धूल भरी आंधियों के प्रभाव को कम करना है. पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना की सफलता के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता, पर्याप्त फंडिंग और स्थानीय प्रजातियों का संरक्षण जरूरी है. हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खनन और अवैध कटाई पर नियंत्रण के बिना इस परियोजना का पूरा लाभ मिलना मुश्किल होगा.</p>
