<p>उत्तराखंड में पिछले महीने कुछ विवादों के कारण निहंग सिख चर्चाओं में रहे. 16 जून को स्थानीय लोगों के साथ कर्णप्रयाग में निहंग सिखों का झगड़ा हो या फिर रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे पर निहंग सिखों के कब्जे का मामला या फिर देहरादून जिले में हिमाचल और उत्तराखंड बॉर्डर पर ताजा विवाद, उन्होंने सबका ध्यान खींचा. सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर निहंग कौन होते हैं. उनका इतिहास क्या है. और उनकी पहचान किन आधारों पर बनी है.</p><p>मामला धार्मिक भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है. इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले इतिहास परंपरा और वर्तमान स्थिति को समझना आवश्यक है. ईटीवी भारत के आज के एक्सप्लेनर में जानिए सिख इतिहास में निहंगों की भूमिका क्या रही है और उनकी परंपरा आज भी क्यों महत्वपूर्ण मानी जाती है? </p>
