<p>नंगी आंखों से बमुश्किल दिखाई देने वाली ये मूर्तियां इतनी छोटी हैं कि इन्हें केवल माइक्रोस्कोप के नीचे ही देखा जा सकता है. हालांकि इन अनूठी मूर्तियों को करीब से देखने पर पता चलता है कि इनमें महान वैज्ञानिकों सी. वी. रमन, विक्रम साराभाई और ए. पी. जे अब्दुल कलाम को दर्शाया गया है. आप विश्वास करें या न करें, इन सूक्ष्म मूर्तियों को सिलाई सुई के छेद के अंदर उकेरा गया है।और खास बात ये है कि इन्हें जल्द ही अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. ये बेजोड़ कलाकृति तेलंगाना के वारंगल में रहने वाले मशहूर सूक्ष्म कलाकार अजय मत्तेवाड़ा ने बनाई है. </p><p>यह कलाकृति 'मिशन आगमन' के तहत स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष भेजी जाएगी, जिसे अगले कुछ हफ्तों में लॉन्च किया जाना है.</p><p>हर मूर्ति की ऊंचाई सिर्फ 800 माइक्रोन यानी 0.8 मिलीमीटर है. इंसान के बाल की मोटाई आम तौर पर 50 से 100 माइक्रोन होती है, इसलिए 800 माइक्रोन का मतलब है लगभग आठ से 16 बालों को एक साथ रखने पर जितनी मोटाई होगी, उतनी. इन्हें रॉकेट बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से बनाया गया है और इन्हें 18-कैरेट सोने से बने एक लघु रॉकेट मॉडल के अंदर सावधानी से लगाया गया है. </p>
