<p>संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से सदन में सकारात्मक सहयोग की अपील की है. उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि संसद में हंगामे के बजाय तर्क और तथ्यों के आधार पर बहस होनी चाहिए, क्योंकि यह सत्र देश के कई महत्वपूर्ण विधेयकों के लिए ऐतिहासिक हो सकता है. प्रधानमंत्री ने वैश्विक युद्ध जैसे हालात और पश्चिम एशिया के तनाव के बीच भी भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि की सराहना की. इसके साथ ही, उन्होंने राजस्थान की ऑयल रिफाइनरी, सेमीकंडक्टर प्लांट, ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन और अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्टअप्स की अभूतपूर्व सफलता को 'न्यू इंडिया' की बढ़ती ताकत का प्रतीक बताया. पीएम ने कहा कि भारत 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार है और युवाओं की उम्मीदें असीमित हैं. अब नजरें इस पर टिकी हैं कि सत्र कैसा रहेगा.</p>
